Delhi Earthquake Tremors – हाल ही में दिल्ली और NCR में एक बार फिर से भूकंप के झटके महसूस किए गए। लोग अपने घरों और दफ्तरों से भागकर बाहर निकल आए। सवाल ये है कि आखिर दिल्ली में बार-बार धरती क्यों हिल रही है?
कब महसूस हुए दिल्ली में झटके (Delhi Earthquake Tremors)?
गुरुवार को सुबह के वक्त दिल्ली, NCR और आसपास के इलाकों में लोगों ने तेज झटके महसूस किए। ये झटके इतने तेज थे कि कई लोग दफ्तरों और घरों से डर के मारे बाहर आ गए।
भूकंप का केंद्र कहां था?
इस बार भूकंप का केंद्र हरियाणा के झज्जर जिले में था। यहां जमीन के नीचे से निकली ऊर्जा ने दिल्ली तक को हिला दिया।
कितनी तीव्रता का था भूकंप?
रिक्टर स्केल पर इस भूकंप की तीव्रता 4.4 मापी गई। मतलब ये हल्के से मध्यम स्तर का भूकंप था, पर शहर में इसे साफ महसूस किया गया।
कितनी देर तक महसूस हुए झटके?
लोगों ने बताया कि झटके करीब 10 सेकेंड तक महसूस हुए। इस दौरान कई इलाकों में दीवारें, पंखे और खिड़कियां हिलने लगीं।
कहां-कहां असर दिखा?
दिल्ली के अलावा गुरुग्राम, नोएडा, बहादुरगढ़, जींद, पश्चिमी यूपी और राजस्थान के कुछ इलाकों में भी झटके महसूस किए गए।
पहले भी आ चुके हैं झटके
दिल्ली-NCR में यह पहली बार नहीं हुआ। बीते छह महीने में ये तीसरा मौका है जब दिल्ली वालों ने धरती को हिलते हुए महसूस किया।
19 अप्रैल का भूकंप
19 अप्रैल को अफगानिस्तान में आए भूकंप के झटके दिल्ली तक पहुंचे थे। उस दिन दोपहर में 5.8 तीव्रता का भूकंप आया था।
17 फरवरी का भूकंप
इससे पहले 17 फरवरी को भी सुबह-सुबह दिल्ली में 4 तीव्रता का भूकंप दर्ज हुआ था। उस वक्त भी लोग घरों से बाहर भागने लगे थे।
भूकंप क्यों आते हैं?
ये सवाल हर किसी के दिमाग में आता है कि आखिर भूकंप क्यों आता है। दरअसल, धरती की सतह पूरी तरह स्थिर नहीं है।
टेक्टोनिक प्लेट्स का खेल
हमारी धरती कई टेक्टोनिक प्लेट्स से बनी है, जो लगातार हिलती रहती हैं। जब ये प्लेट्स आपस में टकराती हैं या खिसकती हैं, तो नीचे जमा हुई ऊर्जा बाहर निकलने का रास्ता ढूंढती है। इसी ऊर्जा के बाहर आने से धरती कांपती है।
कौन से इलाके ज्यादा संवेदनशील हैं?
भारत के कई इलाके भूकंप के लिहाज से संवेदनशील माने जाते हैं। हिमालयी क्षेत्र, उत्तर भारत, पूर्वोत्तर राज्य, कच्छ का रण – ये सब जोन 4 और 5 में आते हैं, मतलब यहां भूकंप आने की संभावना ज्यादा रहती है।
दिल्ली-NCR क्यों है जोन 4 में?
दिल्ली NCR जोन 4 में आता है। ये मध्यम से उच्च खतरे वाला इलाका है। इसकी वजह है हिमालय की टेक्टोनिक एक्टिविटी और आसपास के फॉल्ट लाइन्स।
लोगों में डर क्यों बढ़ रहा है?
हर बार जब झटके आते हैं तो लोग घबरा जाते हैं। खासकर मल्टी-स्टोरी बिल्डिंग में रहने वालों के लिए डर और भी बढ़ जाता है।
क्या करें भूकंप के समय?
भूकंप के वक्त सबसे जरूरी है घबराना नहीं। कोशिश करें कि तुरंत खुले मैदान में चले जाएं। अगर बाहर नहीं जा सकते तो किसी मजबूत मेज या फर्नीचर के नीचे बैठ जाएं और सिर को बचाएं।
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सरकार और एजेंसियों की तैयारी
नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी (NCS) देशभर में भूकंप को मॉनिटर करता है। इसके अलावा लोकल प्रशासन और डिजास्टर मैनेजमेंट टीमें अलर्ट रहती हैं ताकि किसी हादसे में तुरंत मदद मिल सके।
निष्कर्ष (Delhi Earthquake Tremors)
दिल्ली में भूकंप (Delhi Earthquake Tremors) का आना नई बात नहीं है, लेकिन बार-बार आना लोगों के लिए चिंता का विषय जरूर है। जरूरी है कि हम सतर्क रहें, सही जानकारी रखें और किसी भी इमरजेंसी में घबराए नहीं।
FAQs (Delhi Earthquake Tremors)
Q1. दिल्ली में हाल ही में कब भूकंप आया?
गुरुवार को सुबह दिल्ली-NCR में 4.4 तीव्रता का भूकंप आया, जिसका केंद्र हरियाणा का झज्जर था।
Q2. दिल्ली में भूकंप क्यों आते हैं?
दिल्ली-NCR जोन 4 में आता है, जहां टेक्टोनिक प्लेट्स की हलचल ज्यादा होती है।
Q3. भूकंप के दौरान क्या करें?
खुले मैदान में जाएं या किसी मजबूत चीज के नीचे बैठकर सिर को ढकें।
Q4. क्या दिल्ली में नुकसान हुआ?
अब तक किसी भी बड़े नुकसान की कोई खबर नहीं है।
Q5. भूकंप को मापते कैसे हैं?
रिक्टर स्केल से भूकंप की तीव्रता मापी जाती है, जो ऊर्जा के स्तर को बताता है।